face book par chori -
दोस्तों , अब तो लगता है की फेस बुक साहित्य चोरों के लिए आरामगाह बन गई है । जिसे देखो किसी की भी रचना अपने नाम से लिख दी , बेचारा कवि / लेखक / रचनाकार ,अपना दिमाग खराब करता रहता है और यह कमीने रचना चोर बिना कोई मेहनत..
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face book par chori -
दोस्तों , अब तो लगता है की फेस बुक साहित्य चोरों के लिए आरामगाह बन गई है । जिसे देखो किसी की भी रचना अपने नाम से लिख दी , बेचारा कवि / लेखक / रचनाकार ,अपना दिमाग खराब करता रहता है और यह कमीने रचना चोर बिना कोई मेहनत किये अपने दोस्तों में अपनी शान बघारते घुमते हैं । आज फिर एक ऐसे ही बंधू से सामना हुआ यहाँ , भगवन से प्रार्थना करता हूँ इन सभी साहित्य चोरों को सद बुद्धि प्रदान करे । बन गया कलमकार चोर ,जमाने की निगाहों में ,जब से सुनाया मेरा किस्सा ,बताकर उसने अपना ।डॉ अ कीर्तिवर्धन 8265821800
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