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S.M.Masum

सिविल डिसओबिडियेन्स -

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0 Views · Comment · 35 min ago via RSS · Share · by: S.M Masum
जी.के. अवधिया

गोदान – 85 -

प्रेमचंद मिस्टर खन्ना को मजूरों की यह हड़ताल बिलकुल बेजा मालूम होती थी। उन्होंने हमेशा जनता के साथ मिले रहने की कोशिश की थी। वह अपने को जनता का ही आदमी समझते थे। पिछले कौमी आंदोलन में उन्होंने बड़ा जोश दिखाया था। जिले के प्रमुख .. आगे पढ़ें..
सुनील दत्त

ये शहीदों की जयहिन्द वोली -

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tmpf2ded389a46866915dd1ed8263cdef6b.jpg Pramod Joshi

खेलों का कचूमर निकालते उसके सौदागर -

स्पॉट फिक्सिंग सिर्फ क्रिकेट का मामला नहीं है। अब यह हमारे खून में शामिल हो गई है। जबसे आईपीएल शुरू हुआ है यह बेशर्मी से चीयर गर्ल्स के साथ नाचने लगी है। पिछले साल इन्हीं दिनों आईपीएल से जुड़े कुछ खिलाड़ि.. आगे पढ़ें..
tmp16e91a11083bd698976da25fda43c0f9.jpg Rajeev Ranjan Prasad

काशी: बाबा मन की आँखे खोल -

........................................ यह रेट/रट काशी के कबीर की थी। वे ताउम्र इसी साध/धुन में रमे रहे। अपने बाबा(निराकार ब्रंह्म) से मन की आँखे खोलने के लिए आरजू-मिन्नत करते रहे। आज हम ऐसा नहीं कर पाते। हमा.. आगे पढ़ें..
जी.के. अवधिया

सीता का रसातल प्रवेश – संक्षिप्त वाल्मीकि रामायण – 140 (Valmiki Ramayan in Hindi) -

उत्तरकाण्ड सीता का रसातल प्रवेश सीता के त्याग और तपस्या का वृतान्त सुनकर रामचन्द्रजी ने अपने विशिष्ट दूत के द्वारा महर्षि वाल्मीकि के पास सन्देश भिजवाया, “यद.. आगे पढ़ें..
अरूण साथी

लालू और नीतीश के दौर के बिहार का बेसिक अंतर -

अरूण साथीपरिवर्तन रैली में लालू प्रसाद यादव ने किसी भी परिवर्तन का संकेत नहीं दिया। अनुमान भी यही थी। हां एक नई बात जरूर हुई कि इसी बहाने परिवारवाद की पुरानी परंपरा का बीजारोपन कर दिया गया।  फिर .. आगे पढ़ें..
tmpf55b4f9f6e57f22a4de4869e912afd57.jpg डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"

मंजिल को हँसी-खेल समझना न परिन्दों : चर्चा मंच- 1249 -

"जय माता दी" अरुन की ओर से आप सबको सादर प्रणाम. चलते हैं आप सभी के चुने हुए प्यारे लिंक्स पर. "मंजिल को हँसी-खेल समझना न परिन्दों " (डॉ... आगे पढ़ें..
1 Views · Comment · 4 hours ago via RSS · Share · by: अरुन शर्मा 'अनन्त'
tmp10ccbbdc4e7395341014b2920055786c.jpg अजय कुमार झा

तुम्हारी परछाईं: आज की जनधारा में ‘झरोख़ा’ -

19 मई 2013 को आज की जनधारा के साप्ताहिक स्तंभ ब्लॉग कोना में झरोख़ा और परछाईThe post तुम्हारी परछाईं: आज की जनधारा में ‘झरोख़ा’ appeared first on Blogs In Media. आगे पढ़ें..
tmpe269c52ef89bed701b4430d96ebf5db6.jpg ललित शर्मा

झंपिंग ज़पांग..झंपिंग ज़पांग....ब्लॉग 4 वार्ता... संध्या शर्मा -

संध्या शर्मा का नमस्कार....18 , 19 और 20 मई 2013 के दिन ग्रहों की स्थिति सामान्‍य तौर पर शुभ फल दायी होंगी , मौसम और वातावरण कुछ बढिया रहेगा , शेयर बाजार में कुछ जोड तोड की स्थ.. आगे पढ़ें..
0 Views · Comment · 4 hours ago via RSS · Share · by: संध्या शर्मा
Rishabha Deo Sharma ऋषभ देव शर्मा

संरचनावाद -1/2 : व्याख्यान -

प्रो. सुमंगला मुम्मिगट्टी के बुलावे पर कर्नाटक विश्वविद्यालय, धारवाड, जाना हुआ. रास्ते भर मेरे खर्राटों ने पिछली सीट वाली एक भद्र महिला को इतना सताया कि वे पूरी रात मुझे अंग्रेजी में गरियाती रहीं और सो न सकीं. म.. आगे पढ़ें..
1 Views · Comment · 8 hours ago via RSS · Share · by: ऋषभ देव शर्मा
tmp140773fea29caf0981bbc6299973aa39.jpg अजय कुमार झा

बीज: जनसत्ता में ‘वाणभट्ट’ -

18 मई 2013 को जनसत्ता के नियमित स्तंभ ‘समांतर’ में वाणभट्ट के बीजThe post बीज: जनसत्ता में ‘वाणभट्ट’ appeared first on Blogs In Media. आगे पढ़ें..
dr a kirtivardhan

face book par chori -

दोस्तों , अब तो लगता है की फेस बुक साहित्य चोरों के लिए आरामगाह बन गई है ।  जिसे देखो किसी की भी रचना अपने नाम से लिख दी , बेचारा कवि / लेखक / रचनाकार ,अपना दिमाग खराब करता रहता है और यह कमीने रचना चोर बिना कोई मेहनत.. आगे पढ़ें..
1 Views · Comment · 11 hours ago via RSS · Share · by: Kirti Vardhan
dr a kirtivardhan

jahan rukhi roti khakar bhi -

जहाँ रुखी रोटी खाकर भी हंसता बचपन है ,परिवार जनों की सेवा,स्त्री का गौरव बढ़ता है । जहाँ सबके सुखदुख एक दूजे के होते हैं जहाँ भूखे रहकर भी संस्कृति को ढोते हैं । टूटी झोपड़ ,आम की छैयाँ ,धरती बिस्तर ,उससे अच्छा कह.. आगे पढ़ें..
1 Views · Comment · May 18 2013, 17:36 via RSS · Share · by: Kirti Vardhan
dr a kirtivardhan

dil kabhi kisi ki jaagir -

दिल कभी किसी की जागीर नहीं होता ,कब ,किस पर मचल जाए ,मालुम नहीं होता । डॉ अ कीर्तिवर्धन 8265821800 आगे पढ़ें..
1 Views · Comment · May 18 2013, 17:02 via RSS · Share · by: Kirti Vardhan