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राजनीति

आरक्षण हमें भी दे दो by:(kumarendra)

महिला आरक्षण विधेयक के अन्दर आरक्षण की माँग को लेकर हंगामा करने की जरूरत नहीं है। देश ही आरक्षण ......

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जीवन रहस्य

जीने के लिए : जिजीविषा की अभिव्यक्‍ति — महेंद्र भटनागर by:(ashutosh)

‘जीने के लिए’ में कवि महेंद्रभटनागर की सन्‌ १९७७ से १९८६ के एक दशक के बीच लिखित चालीस कविताएँ सं......

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वाद-पीड़ा

क्या आप टीना फैक्टर जानते हैं...खुशदीप
क्या आप टीना फैक्टर जानते हैं…खुशदीप by:(Khushdeep Sehgal)

सब चलता है...बस अपना काम चलाओ, प्रभु के गुण गाओ...कमोवेश यही मनोस्थिति हम सब की है...हम झल्लाते हैं, गर�......

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चर्चाघर

जीने के लिए : जिजीविषा की अभिव्यक्‍ति — महेंद्र भटनागर by:(ashutosh)

‘जीने के लिए’ में कवि महेंद्रभटनागर की सन्‌ १९७७ से १९८६ के एक दशक के बीच लिखित चालीस कविताएँ सं......

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आलोचना

भारत रत्न के लिए सचिन से भी श्रेष्ठ व्यक्तित्व हैं इस देश में by:(kumarendra)

सचिन के एकदिवसीय मैच में दोहरे शतक के रिकार्ड के बाद उनको भारत रत्न दिये जाने की माँग ने जोर पकड़ा ......

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विविधा

सर्वेश्वरदयाल सक्सेना – कविता – उठ मेरी बेटी सुबह हो गई by:(Nishant)

पेड़ों के झुनझुने, बजने लगे; लुढ़कती आ रही है सूरज की लाल गेंद। उठ मेरी बेटी सुबह हो गई। तूने जो छोड़े थे, गैस के गुब्बारे, तारे अब दिखाई नहीं देते, (जाने कितने ऊपर चले गए) चांद देख, अब गिरा, अब गिरा, उठ मेरी बेटी...

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