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(0)जिव-जगत-जगदीश और हम:कनिष्क कश्यप
:-BLOGPRAHARI
[Translate] शब्दों में सत्य को बंधना संभव नहीं , किन्तु अभिव्यक्ति तो होनी ही है. अभिव्यक्ति ही तो सारे सृष्टि को चलायमान रखती है. आप अगर अभिव्यक्ति छोड़ दें तो कर्म का उत्त्प्रेरक तत्व ही ख़त्म हो जायेगा, और बगैर कर्म...
Continue reading full story (read 4 times) Add a Comment - 0 users commented on this postहिंदी फिल्म “हल्ला बोल” जैसा लग रहा है शाहरुख खान-ठाकरे विवाद
:-हिज(ड़ा) हाईनेस मनीषा
पिछले कुछ दिनों से मुंबई में शिवसेना और शाहरुख खान का लगातार चल रहा विवाद देख रही थी। भाईसाहब डा.�......
Continue reading full story (read 11 times) Add a Comment - 1 users commented on this postतिरंगे में सफ़ेद रंग “क्रिश्चियनिटी” का होता है और “जन-गण-मन” की धुन पर पोप की प्रार्थना…… Mockery of National Flag, National Anthem by Missionary
:-Suresh Chiplunkar
[डिस्क्लेमर – मुझे मलयालम नहीं आती, इसलिये प्रस्तुत पोस्ट एक मलयाली मित्र द्वारा दी गई सूचनाओं पर आधारित है… जिसे मलयालम आती हो, कृपया इसकी पुष्टि करें…]
बचपन से मैंने तो यही पढ़ा था कि देश के तिरंगे में...
अब तैयार हो जाईये विश्व स्तरीय ब्लोग्गिंग के लिए ….एक्शन और लीगल एक्शन के साथ …
:-अजय कुमार झा
आजकल जो कुछ और जितनी तेजी से घट रहा है , उस स्थिति का अंदाज़ा तो मुझे पहले ही हो चुका था क्योंकि कभी �......
Continue reading full story (read 9 times) Add a Comment - 0 users commented on this postआने वाले समय में मुलायम सिंह का भी हश्र कल्याण सिंह की तरह हो तो कोई आश्चर्य की बात नहीं
:-Dr. Mahesh Sinha
अमर सिंह को समाजवादी पार्टी से बर्खास्त कर दिया गया। जयाप्रदा ने अमरसिंह के पक्ष में वकालत करने ......
Continue reading full story (read 9 times) Add a Comment - 0 users commented on this postक्रिकेट की मण्डी में कौन आएगा बिकने !
:-Pramod Tambat
व्यंग्य-प्रमोद ताम्बट अब जाकर मेरे सामने सब्ज़ियों-भाजियों का दयनीय पहलू उद्घाटित हुआ है। सब्ज़ी मण्डी की खुली नीलामबोली में दलाल आढ़तियों द्वारा जब कभी भटे-टमाटरों की बोली नहीं लगाई जाती तो उनके नाज़ुक दिलों पर क्या गुजरती होगी, मुझे अब समझ...
Continue reading full story (read 2 times) Add a Comment - 0 users commented on this postअपनें हीं दरवाजे पर हिन्दी रोती रही..
:-Kanishka Kashyap
[Translate] खुद से तन्हाई में मिल जाना हमने कितना मुश्किल खुद को दूसरा बनाना है असर दिल पर कहां,ज़ेहन पर हुई वर्ना अज़ान तो आज भी पूराना है तलवो-हाथों को हमने भी पाक किया बावज़ू करता कहां अब जमाना है? फ़जल भी किस्तों में अता कर दिजे लाज़...
Continue reading full story (read 8 times) Add a Comment - 1 users commented on this postलाफ्टर चैलेंज संस्कृति का उत्पाद है लाफिंग बुद्धा?
:-Kanishka Kashyap
मैं लाफिंग बुद्धा से वाकिफ़ नही था। दिल्ली में मुलाकात हुई, एक माल मे सजेहुए थे। मैने सोचा धर्म का बाज़ार बुद्ध से कैसे सुशोभित हो रहा है। वह तोआकांक्षा ओं को लगाम देने पर जोड़ देते थे और बाज़ार...
Continue reading full story (read 93 times) Add a Comment - 2 users commented on this post
एक सवाल का जवाब दीजिए…खुशदीप